पत्रकारों के आर्थिक, सामाजिक एवं सुरक्षा संबंधी हितों को लेकर प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के आर्थिक, सामाजिक एवं कानूनी हितों की रक्षा, पत्रकारिता की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई की ओर से जनसंपर्क कार्यालय, नया रायपुर में ज्ञापन सौंपा गया। संगठन की ओर से प्रदेश प्रधान महासचिव राहुल कुमार मिश्रा ने पत्रकारों के हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को ज्ञापन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा। ज्ञापन में पत्रकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनके एवं उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने, पत्रकारिता के दौरान सामने आने वाली कानूनी चुनौतियों का समाधान करने तथा भ्रष्टाचार एवं जनहित से जुड़े मामलों को उजागर करने वाले पत्रकारों के संरक्षण की मांग की गई। पत्रकारों पर हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग- प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने ज्ञापन में 9 अक्टूबर 2025 को जनसंपर्क कार्यालय में हुई घटना का उल्लेख करते हुए मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि किसी भी घटना की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए संबंधित व्यक्तियों के बयान, कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख, पत्राचार और अन्य साक्ष्यों की जांच की जानी चाहिए। संगठन ने मांग की कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य व्यक्ति की भूमिका से संबंधित तथ्य सामने आते हैं, तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच के निष्कर्ष और की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। पत्रकारों के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर- ज्ञापन में सक्रिय एवं पात्र पत्रकारों को सरकारी विज्ञापन संबंधी नियमों, पात्रता और विभागीय प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि पत्रकारों एवं पात्र मीडिया संस्थानों को नियमानुसार उपलब्ध अवसरों का लाभ मिलना चाहिए तथा विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त पत्रकारों के लिए वैध आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने और उनके कार्यों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवारों के कल्याण का मुद्दा उठाया- ज्ञापन में पत्रकारों और उनके आश्रित परिवारों के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की गई। संगठन ने संबंधित संस्थानों के सहयोग से पात्र पत्रकारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा अस्पतालों, पैथोलॉजी केंद्रों, विद्यालयों और महाविद्यालयों में रियायत की संभावनाओं पर विचार करने का आग्रह किया। भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा की मांग- संगठन ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और जनहित से जुड़े मामलों को सामने लाने वाले पत्रकारों को नियमानुसार संरक्षण मिलना चाहिए। पत्रकारों को उनके वैध पत्रकारिता कार्यों के कारण धमकी, अनुचित दबाव अथवा उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज शिकायतों और एफआईआर के मामलों में तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों एवं लागू कानून के आधार पर निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने की मांग भी की गई। पत्रकार अधिमान्यता की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग-ज्ञापन में राज्य एवं जिला स्तर पर पत्रकार अधिमान्यता प्राप्त करने के लिए निर्धारित नियमों, पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने का आग्रह किया गया। संगठन ने पात्र पत्रकारों को आवेदन तैयार करने और आवश्यक दस्तावेज जुटाने में मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के राहुल कुमार मिश्रा के साथ संगठन के अन्य साथी आनंद गुप्ता, भूषण श्रीवास, संगीता बर्मन, संदीप शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को पूर्वनिर्धारित रूप से दोषी ठहराना नहीं, बल्कि संबंधित घटनाओं की वास्तविकता सामने लाना, पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करना और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई ने उम्मीद जताई कि ज्ञापन में उठाए गए विषयों पर संबंधित विभाग गंभीरता से विचार करेगा और पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्रता, आर्थिक सशक्तीकरण एवं कल्याण की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा।

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