अपडेट: Sep 21, 2026 05:28 AM
30 लाख रुपये की उधारी और तीन महीने के ब्याज को लेकर था विवाद, साथी शिक्षक ही निकला हत्यारोपी; VSK ऐप के लॉग से पुलिस को मिली अहम कड़ी

रायपुर/आरंग। छत्तीसगढ़ के रायपुर ग्रामीण जिले के आरंग थाना क्षेत्र में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग से जुड़े पैसों का लेन-देन और करीब 30 लाख रुपये की उधारी को लेकर हुआ विवाद था। मामले में मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया गया है।

नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं पुलिस के अनुसार, आरोपी और मृतक पिछले करीब चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों शिक्षण कार्य के अलावा रेत, रियल एस्टेट तथा बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग से जुड़े लेन-देन करते थे। इसी कारोबारी लेन-देन में करीब 30 लाख रुपये की रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।

सुनसान इलाके में मिला था शिक्षक का शव पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर 2026 को थाना आरंग पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम बनचरौदा के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो शव के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले।

मृतक की पहचान शिवकुमार चंद्राकर, पिता शंकरलाल चंद्राकर, उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा, जिला रायपुर के रूप में हुई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और साइबर टीम की भी मदद ली गई। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया।

पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 443/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत कार्रवाई शुरू की। मर्ग क्रमांक 124/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत दर्ज किया गया था।

अंतिम बार साथी शिक्षक के साथ देखा गया था मृतक जांच के दौरान पुलिस को ग्रामीणों और गांव के चरवाहे से महत्वपूर्ण जानकारी मिली। उनके अनुसार मृतक शिवकुमार चंद्राकर को घटना से पहले उसके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा के साथ सफेद रंग की स्कूटी पर ग्राम बनचरौदा की ओर जाते हुए देखा गया था।

इसके बाद पुलिस का संदेह चंद्रप्रकाश वर्मा की ओर गया। पुलिस ने आरोपी और मृतक के बीच संबंधों तथा घटना के दिन उनकी गतिविधियों की जांच शुरू की।

स्कूल के CCTV और VSK ऐप के लॉग से मिली अहम कड़ी पुलिस ने ग्राम कुम्हारी स्थित स्कूल के CCTV फुटेज की जांच की। इसके साथ ही शिक्षा विभाग से जुड़े VSK ऐप के लॉग रिकॉर्ड का भी अध्ययन किया गया।

पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को सुबह करीब 9:35 बजे चंद्रप्रकाश वर्मा स्कूल पहुंचा था। इसके बाद वह निजी काम का हवाला देकर स्कूल से बाहर चला गया। जांच में पुलिस ने दावा किया कि घटना के दौरान उसके मोबाइल की लोकेशन बंद थी।

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी करीब 12:50 बजे स्कूल वापस लौटा। उसने स्वयं के मोबाइल से VSK ऐप में लॉगिन नहीं किया और यह बताया कि उसका मोबाइल घर पर रह गया है। इसके बाद उसने साथी शिक्षक के मोबाइल से अपनी उपस्थिति दर्ज की।

पुलिस के अनुसार, VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट ने उसकी गतिविधियों को लेकर महत्वपूर्ण कड़ी उपलब्ध कराई, जिससे जांच आगे बढ़ी।

30 लाख रुपये और तीन महीने के ब्याज को लेकर था विवाद पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह और मृतक पिछले करीब चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों के बीच रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग से संबंधित आर्थिक लेन-देन था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मृतक को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके बदले मृतक ने आरोपी को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक दिए थे।

आरोपी के कथित बयान के मुताबिक वह इस रकम पर हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले करीब तीन महीनों से ब्याज का भुगतान नहीं किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी आर्थिक विवाद को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया।

आरोपी ने पुलिस को कथित तौर पर यह भी बताया कि पैसों को लेकर विवाद के दौरान मृतक द्वारा गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की बात से वह परेशान और गुस्से में था।

पहले से हथियार लेकर पहुंचा था आरोपी पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई थी। यहां पैसों और ब्याज की रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।

पुलिस का दावा है कि विवाद के दौरान दोनों ग्राम बनचरौदा के एक सुनसान इलाके की ओर चले गए। वहां विवाद बढ़ने पर आरोपी ने कथित तौर पर अपनी स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे वार किया।

इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर हथौड़े से सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे शिवकुमार की मौत हो गई।

पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया अपराध: पुलिस पुलिस के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने हत्या की बात स्वीकार की।

हालांकि, हत्या के पीछे बताए गए आर्थिक विवाद और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पुलिस द्वारा बरामद सामग्री, CCTV फुटेज, VSK ऐप लॉग, मोबाइल डेटा और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

पुलिस ने ये सामान किए जब्त आरोपी के कथित मेमोरेंडम बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में कई महत्वपूर्ण वस्तुएं जब्त करने की जानकारी दी है। इनमें शामिल हैं—

घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की स्कूटी कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल धारदार हथियार हथौड़ा मृतक द्वारा दिए गए तीन ब्लैंक चेक मृतक का पर्स मृतक और आरोपी के मोबाइल फोन आरोपी के घटना के समय पहने हुए जूते और मोजे कथित तौर पर खून से सने कपड़े पुलिस के मुताबिक इन वस्तुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है और आवश्यक फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।

24 घंटे में खुलासे का दावा आरंग पुलिस और ACCU की संयुक्त जांच में पुलिस ने इस मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार CCTV फुटेज, VSK ऐप लॉग, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी, साइबर जांच और पूछताछ से मिले तथ्यों को जोड़कर संदेही तक पहुंच बनाई गई।

आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की कार्रवाई की जा रही है।

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